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महामारी और प्रकोप संबंधी मार्गदर्शन

जब करोड़ों लोग एक ही जगह पर इकट्ठा होते हैं, तो दूषित पानी और भोजन, मच्छरों, बाढ़ के पानी और निकट संपर्क से बीमारियाँ तेज़ी से फैल सकती हैं। कई श्रद्धालु लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, बाहर खाना खाते हैं और साझा जगहों पर सोते हैं, जिससे उन्हें संक्रमण होने का ख़तरा अधिक रहता है।

घाटों के पास और पूरे मेला क्षेत्र में चिकित्सा चौकियाँ उपलब्ध रहेंगी, और एम्बुलेंस कॉल पर तैयार रहेंगी। ज़्यादातर बीमारियों से साधारण सावधानियाँ बरतकर बचा जा सकता है, और जो बीमारियाँ हो भी जाती हैं, जल्दी पता चल जाने पर उनका इलाज ज़्यादा आसान होता है।

साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता

अच्छी साफ़-सफ़ाई न केवल आपकी, बल्कि आपके आसपास के सभी लोगों की भी रक्षा करती है।

  • केवल अधिकारियों द्वारा चिह्नित और निर्धारित शौचालयों का ही उपयोग करें। खुले में पेशाब या शौच न करें।
  • खाँसते या छींकते समय अपना मुँह और नाक अपनी कोहनी से ढकें।
  • अगर आपको खाँसी या ज़ुकाम है, तो भीड़ में मास्क पहनें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें।

मच्छर और बाढ़ का पानी

बारिश के बाद पानी ठहर सकता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं, और बाढ़ के पानी से संक्रमण फैल सकता है।

  • मच्छर भगाने वाली दवा का उपयोग करें और पूरी बाँह के कपड़े पहनें, ख़ासकर शाम के समय।
  • अगर आपका आवास खुला है, तो मच्छरदानी लगाकर सोएँ।
  • बाढ़ के पानी में चलने से बचें। अगर चलना ही पड़े, तो बाद में अपने पैर धो लें और अगर कोई घाव हो तो उसे ढक लें।

इन बीमारियों से सावधान रहें

रोग / स्थितियह कैसे फैलता हैआम लक्षण / चेतावनी के संकेतरोकथाम और बचाव के उपाय
तीव्र दस्त रोगदूषित भोजन या पेयजल; हाथों की साफ़-सफ़ाई में कमीपतले दस्त, उल्टी, पेट में मरोड़, शरीर में पानी की कमीसुरक्षित पेयजल, हाथ धोना, साफ़-सफ़ाई से भोजन तैयार करना, सुरक्षित शौचालय और शुरुआत में ही ओआरएस (ORS) का उपयोग
हैज़ाविब्रियो कॉलेरी से दूषित पानी या भोजनबहुत ज़्यादा पानी जैसे दस्त, उल्टी और शरीर में तेज़ी से पानी की कमीसुरक्षित पानी, स्वच्छता, हाथों की साफ़-सफ़ाई, तुरंत सूचना और इलाज
टाइफ़ाइड बुख़ारसाल्मोनेला टाइफ़ी से दूषित भोजन या पानीलगातार बुख़ार, सिरदर्द, कमज़ोरी, पेट में दर्दसुरक्षित पानी, भोजन की साफ़-सफ़ाई, हाथ धोना और टीकाकरण, जहाँ इसकी सलाह दी गई हो
हेपेटाइटिस ए और ईमुख्य रूप से दूषित भोजन और पानीथकान, जी मिचलाना, गहरे रंग का पेशाब, पीलियासुरक्षित पानी, स्वच्छता, हाथ धोना और उचित टीकाकरण, जहाँ यह उपलब्ध हो और इसकी सलाह दी गई हो
डेंगूसंक्रमित एडीज़ मच्छरों का काटनाबुख़ार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, चकत्ते; चेतावनी के संकेतों में पेट में तेज़ दर्द, ख़ून बहना या लगातार उल्टी शामिल हो सकते हैंठहरा हुआ पानी हटाएँ, मच्छर भगाने वाली दवा का उपयोग करें, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छरों के काटने से बचें
मलेरियासंक्रमित एनोफ़िलीज़ मच्छरों का काटनाबुख़ार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और कमज़ोरीमच्छर भगाने वाली दवा, उपयुक्त कपड़े, जहाँ उचित हो वहाँ मच्छरदानी और बुख़ार होने पर तुरंत जाँच
चिकनगुनियासंक्रमित एडीज़ मच्छरों का काटनाबुख़ार, जोड़ों में तेज़ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और चकत्तेमच्छरों के पनपने की जगहों को ख़त्म करें, मच्छर भगाने वाली दवा का उपयोग करें और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis)संक्रमित जानवरों के पेशाब से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आना, ख़ासकर कटी हुई त्वचा या श्लेष्मा झिल्लियों के ज़रिएबुख़ार, मांसपेशियों में तेज़ दर्द, सिरदर्द, आँखें लाल होना; गंभीर बीमारी होने पर पीलिया या गुर्दे की समस्याएँ हो सकती हैंबाढ़ के पानी से बचें, घावों को ढककर रखें, पैरों की सुरक्षा करने वाले जूते पहनें और इससे मिलते-जुलते लक्षण दिखने पर जल्दी इलाज करवाएँ
इन्फ़्लुएंज़ा (फ़्लू)संक्रमित लोगों की साँस से निकलने वाले कण, ख़ासकर भीड़ भरी या कम हवादार जगहों मेंबुख़ार, खाँसी, गले में ख़राश, शरीर में दर्द और थकानश्वसन स्वच्छता, हाथ धोना, हवा के आने-जाने की व्यवस्था, उचित टीकाकरण और ज़रूरत होने पर मास्क
कोविड-19 और अन्य श्वसन संक्रमणसाँस से निकलने वाले संक्रामक कणों को साँस के साथ अंदर लेना और निकट संपर्कबुख़ार, खाँसी, गले में ख़राश, थकान और कभी-कभी साँस लेने में कठिनाईहवा के आने-जाने की व्यवस्था, हाथों की साफ़-सफ़ाई, श्वसन शिष्टाचार, बीमार होने पर भीड़ से दूर रहना और सलाह के अनुसार टीकाकरण
खसरासंक्रमित व्यक्ति से हवा के ज़रिए फैलनाबुख़ार, खाँसी, नाक बहना, आँखें लाल होना और शरीर पर फैले हुए चकत्तेउम्र के अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित करें, संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान करें और स्वास्थ्य अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें
आँख आना (तीव्र कंजंक्टिवाइटिस)संक्रमित आँखों से निकलने वाले स्राव, दूषित हाथों या साझा तौलियों के संपर्क में आनाआँखें लाल होना, पानी आना, जलन और स्राव निकलनाहाथों की साफ़-सफ़ाई रखें, आँखें मलने से बचें और तौलिये या निजी सामान किसी के साथ साझा न करें
त्वचा और घाव के संक्रमणदूषित सतहों या पानी का कटी हुई त्वचा के संपर्क में आना; कुछ संक्रमणों में सीधा संपर्कलालिमा, सूजन, दर्द, मवाद या त्वचा पर फैलते घावघावों को सुरक्षित पानी से साफ़ करें, कटी हुई जगह को ढककर रखें, साफ़-सफ़ाई बनाए रखें और लक्षण बिगड़ने पर इलाज करवाएँ

तुरंत चिकित्सा सहायता कब लें

चेतावनी के इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें। निकटतम चिकित्सा चौकी पर जाएँ या 108 पर कॉल करें।

  • स्वास्थ्य शिविरों का पता लगाएँ: स्वास्थ्य चौकी या चिकित्सा टेंट ढूँढें।
  • आपातकालीन संपर्क: तुरंत एम्बुलेंस सहायता के लिए 108 पर कॉल करें।

दस्त होने पर तुरंत ओआरएस (ORS) लेना शुरू करें। अपने मन से एंटीबायोटिक दवाइयाँ न लें।

अगर आप बीमार पड़ जाएँ

जल्दी इलाज से आपको तेज़ी से ठीक होने में मदद मिलती है और बीमारी दूसरों तक फैलने से रुकती है।

  • अस्वस्थ हों तो दूसरों से अलग रहें: अगर आपको बुख़ार, खाँसी या दस्त हो जाए, तो भीड़ में शामिल होने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य शिविर में जाएँ।
  • समय रहते निकटतम चिकित्सा चौकी पर जाएँ। इंतज़ार न करें।
  • डॉक्टर को अपने लक्षण बताएँ, और यह भी बताएँ कि आप कहाँ ठहरे हैं, कहाँ खाना खाते रहे हैं और कहाँ-कहाँ यात्रा की है।
  • ठीक होने तक आराम करें और भीड़ से दूर रहें।

अगर प्रकोप संबंधी सलाह जारी की जाए

अगर किसी बीमारी के प्रकोप की सूचना मिलती है, तो श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग सलाह जारी करेगा।

  • केवल स्वास्थ्य विभाग और NTKMA द्वारा जारी आधिकारिक सलाह का ही पालन करें।
  • जाँच, आइसोलेशन या कुछ क्षेत्रों से दूर रहने के बारे में जो भी निर्देश दिए जाएँ, उनका पालन करें।
  • जाँच और इलाज के लिए निर्धारित चिकित्सा केंद्रों का उपयोग करें।
  • कहे जाने पर आइसोलेशन या क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों के निर्देशों का पालन करें।
  • सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाले संदेश न फैलाएँ।
  • अगर एक जैसी बीमारी के कई मामले एक साथ होने की आशंका हो, तो इसकी सूचना स्वास्थ्य कर्मियों को दें।
  • अफ़वाहों या बीमारी के बारे में बिना पुष्टि वाली जानकारी पर न विश्वास करें, न उन्हें फैलाएँ।