ज़्यादातर यात्राओं में नाशिक ही प्रवेश-द्वार है: आप हवाई, रेल या सड़क मार्ग से नाशिक पहुँचते हैं और वहाँ से सड़क मार्ग से त्र्यंबकेश्वर जाते हैं। आप किसी भी साधन से आएँ, सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के दौरान दो बातें सबसे ज़रूरी हैं: यात्रा की बुकिंग जल्दी करें, और अमृत स्नान से एक दिन पहले पहुँचें, अमृत स्नान वाले दिन सुबह नहीं। अमृत स्नान के दिनों के लिए सीटें और कमरे जल्दी भर जाते हैं, और उन दिनों घाटों के पास की सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित रहती है।
इस पृष्ठ पर सामान्य जानकारी दी गई है। मेले के लिए विस्तृत मार्ग और परिवहन योजना NTKMA मेले के नज़दीक इसी वेबसाइट पर प्रकाशित करेगा।
हवाई मार्ग से
नाशिक का हवाई अड्डा शहर से बाहर ओझर में है। यात्रा की योजना बनाते समय देख लें कि किन शहरों से नाशिक के लिए उड़ानें हैं। अधिक विकल्पों के लिए निकटतम बड़े हवाई अड्डे मुंबई और पुणे हैं; दोनों में से कहीं से भी आप सड़क या रेल मार्ग से नाशिक आ सकते हैं।
ओझर से सड़क मार्ग से नाशिक या त्र्यंबकेश्वर जाएँ। हर अमृत स्नान के आसपास के दिनों में अतिरिक्त समय लेकर चलें: यातायात भारी रहता है और कुछ सड़कें बंद हो सकती हैं।
रेल से
नाशिक रोड रेलवे स्टेशन नाशिक का मुख्य रेलवे स्टेशन है। यह मुंबई से आने वाली मुख्य रेल लाइन पर है और देश के कई हिस्सों से यहाँ ट्रेनें आती हैं। टिकट जितनी जल्दी हो सके बुक करें, ख़ासकर अमृत स्नान के आसपास के दिनों के लिए।
स्टेशन से पंचवटी और घाटों तक, या त्र्यंबकेश्वर तक जाने के लिए आपको आगे का साधन चाहिए होगा, इसलिए यह हिस्सा पहुँचने से पहले ही तय कर लें। मेले के दौरान अमृत स्नान के दिनों के आसपास प्लेटफ़ॉर्म और निकास द्वारों पर भीड़ की उम्मीद रखें, और संकेतों तथा रेलवे कर्मचारियों, पुलिस और स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।
नीचे नाशिक के पास के रेलवे स्टेशनों की सूची दी गई है, जिसमें आप हर स्टेशन तक का रास्ता भी देख सकते हैं; मेले के दौरान इन स्टेशनों से आगे कैसे जाना है, इसकी जानकारी NTKMA मेले के नज़दीक प्रकाशित करेगा।
- नासिक रोड रेलवे स्टेशनमध्य रेल रास्ता देखें
- देवलाली रेलवे स्टेशनमध्य रेल रास्ता देखें
- ओढा रेलवे स्टेशनमध्य रेल रास्ता देखें
- खेरवाड़ी रेलवे स्टेशनमध्य रेल रास्ता देखें
- कसबे सुकेणे रेलवे स्टेशनमध्य रेल रास्ता देखें
सड़क मार्ग से
नाशिक राजमार्गों द्वारा मुंबई, पुणे, गुजरात, धुले और छत्रपति संभाजीनगर से जुड़ा है, और लंबी दूरी की बसें इसे महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों के कई शहरों से जोड़ती हैं। हर दिशा से आने के लिए सामान्य मार्गदर्शन प्रमुख शहरों से मार्ग पृष्ठ पर देखें। नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के हर प्रवेश मार्ग की पार्किंग और सबसे नज़दीकी घाट (जहाँ उसकी पुष्टि हो चुकी है) जानने के लिए घाटों और पार्किंग तक के रास्ते पृष्ठ देखें।
मेला मानसून के महीनों में है, जब पहाड़ी रास्ते गीले हो सकते हैं और धुंध छाई रह सकती है। सावधानी से गाड़ी चलाएँ, लंबी यात्रा में बीच-बीच में आराम करें और थकान होने पर गाड़ी न चलाएँ।
नाशिक से त्र्यंबकेश्वर
त्र्यंबकेश्वर नाशिक से सड़क मार्ग से लगभग 28 किमी दूर है। सामान्य दिनों में दोनों के बीच बसें और टैक्सियाँ चलती हैं। मेले के दौरान नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के बीच आवागमन NTKMA की परिवहन योजना का हिस्सा होगा, जो इसी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
अमृत स्नान के दिनों में कुशावर्त तीर्थ पर बहुत भारी भीड़ होती है, इसलिए यदि आप त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहते हैं, तो कोई शांत दिन चुनें। दोनों स्थलों को एक ही यात्रा में कैसे शामिल करें, यह पहली बार आने वालों के लिए मार्गदर्शिका में बताया गया है।
मेले के दौरान क्या बदलता है
मेले में नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में बहुत बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इसलिए सड़कों की व्यवस्था बदल जाती है, ख़ासकर अमृत स्नान के दिनों में।
- घाटों के पास यातायात पर प्रतिबंध। स्नान के दिनों में घाटों के पास वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी, और कुछ सड़कें बंद या एकतरफ़ा की जा सकती हैं। आधिकारिक संकेतों और पुलिस व स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।
- प्रवेश मार्गों पर पार्किंग। नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में आने वाली हर सड़क पर पार्किंग की योजना है, जहाँ से घाटों की ओर शटल सेवाएँ चलेंगी। घाटों और पार्किंग तक के रास्ते देखें।
- आख़िरी हिस्सा पैदल। शटल से घाट तक पैदल चलने के लिए तैयार रहें। आरामदायक जूते-चप्पल पहनें।
- निकलने से पहले जानकारी लें। घर से निकलने से पहले और रास्ते में भी इस वेबसाइट पर लाइव अपडेट देखते रहें, क्योंकि व्यवस्थाएँ बदल सकती हैं।
बुकिंग जल्दी करें, अमृत स्नान से एक दिन पहले पहुँचें, और आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।
लाइव अपडेट देखें

