स्नान तिथियाँ
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आयोजन
ध्वजारोहण
ध्वज पर्व, बृहस्पति का सिंह राशि में प्रवेश और सिंहस्थ महाकुंभ का प्रारंभ।
31 अक्टूबर 2026 · दोपहर 12:02
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मेला अवधि
मुख्य मेला अवधि प्रारंभ
आधिकारिक मुख्य मेला अवधि शुरू होती है।
15 जून 2027 · पूरा दिन
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आयोजन
नगर प्रदक्षिणा
अमृत स्नानों से पहले नासिक की पारंपरिक परिक्रमा।
29 जुलाई 2027 · सूचित किया जाएगा
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अमृत स्नान
पहला अमृत स्नान
सिंहस्थ महाकुंभ का पहला पवित्र स्नान दिवस।
2 अगस्त 2027 · पूरा दिन
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अमृत स्नान
दूसरा अमृत स्नान
सिंहस्थ महाकुंभ का दूसरा पवित्र स्नान दिवस।
31 अगस्त 2027 · पूरा दिन
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अमृत स्नान
तीसरा अमृत स्नान
सिंहस्थ महाकुंभ का तीसरा पवित्र स्नान दिवस।
रामतीर्थ, नासिक
11 सितम्बर 2027 · पूरा दिन
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अमृत स्नान
तीसरा अमृत स्नान
सिंहस्थ महाकुंभ का तीसरा पवित्र स्नान दिवस।
कुशावर्त तीर्थ, त्र्यंबकेश्वर
12 सितम्बर 2027 · पूरा दिन
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आयोजन
ध्वजावतरण (ध्वज उतारना)
ध्वज उतारकर सिंहस्थ महाकुंभ का समापन।
24 जुलाई 2028 · दोपहर 3:36
पूरा स्नान कैलेंडर
सिंहस्थ एक लंबा पर्व है, जिसमें केवल अमृत स्नान ही नहीं, अनेक शुभ दिन आते हैं। कम भीड़ वाला दिन चुनने पर दर्शन अधिक शांति से होते हैं और स्नान अधिक सुरक्षित रहता है।
| पर्व | तारीख | मुहूर्त |
|---|---|---|
| ध्वजारोहण – ध्वज पर्व, बृहस्पति का सिंह राशि में प्रवेश, सिंहस्थ महाकुंभ प्रारंभ | 31.10.2026 | दोपहर 12:02 |
| प्रथम अमृत स्नान | 02.08.2027 | पूरा दिन |
| द्वितीय अमृत स्नान | 31.08.2027 | पूरा दिन |
| तृतीय अमृत स्नान – रामतीर्थ, नासिक | 11.09.2027 | पूरा दिन |
| तृतीय अमृत स्नान – कुशावर्त तीर्थ, त्र्यंबकेश्वर | 12.09.2027 | पूरा दिन |
| ध्वजावतरण – सिंहस्थ महाकुंभ समापन | 24.07.2028 | दोपहर 3:36 |
रामतीर्थ, नासिक – पर्वकाल मुहूर्त
- 24.07.2027
- 29.07.2027
- 02.08.2027
- 15.08.2027
- 17.08.2027
- 28.08.2027
- 31.08.2027
- 05.09.2027
- 11.09.2027
- 26.09.2027
- 30.09.2027
- 11.10.2027
- 15.10.2027
- 25.10.2027
- 10.11.2027
- 13.11.2027
- 14.11.2027
- 24.11.2027
- 28.11.2027
- 09.12.2027
- 27.12.2027
- 26.01.2028
- 27.01.2028
- 28.01.2028
- 29.01.2028
- 30.01.2028
- 31.01.2028
- 01.02.2028
- 02.02.2028
- 03.02.2028
- 04.02.2028
- 05.02.2028
- 06.02.2028
- 07.02.2028
- 08.02.2028
- 10.02.2028
- 20.02.2028
- 21.02.2028
- 25.02.2028
- 27.02.2028
- 07.03.2028
- 21.03.2028
- 05.04.2028
- 09.04.2028
- 24.04.2028
- 05.05.2028
- 08.05.2028
- 20.05.2028
- 24.05.2028
- 25.05.2028
- 26.05.2028
- 27.05.2028
- 28.05.2028
- 29.05.2028
- 30.05.2028
- 31.05.2028
- 01.06.2028
- 02.06.2028
- 03.06.2028
- 07.06.2028
- 18.06.2028
- 22.06.2028
- 02.07.2028
- 06.07.2028
- 18.07.2028
रामतीर्थ, नासिक कुल अमृत स्नान मुहूर्त : 65
कुशावर्त तीर्थ, त्र्यंबकेश्वर – पर्वकाल मुहूर्त
- 05.11.2026
- 06.11.2026
- 09.11.2026
- 20.11.2026
- 23.11.2026
- 24.11.2026
- 15.01.2027
- 19.01.2027
- 21.01.2027
- 22.01.2027
- 03.07.2027
- 04.07.2027
- 14.07.2027
- 18.07.2027
- 31.07.2027
- 06.08.2027
- 09.08.2027
- 12.08.2027
- 16.08.2027
- 17.08.2027
- 23.08.2027
- 24.08.2027
- 28.08.2027
- 30.08.2027
- 05.09.2027
- 15.09.2027
- 27.09.2027
- 29.09.2027
- 14.10.2027
- 26.10.2027
- 10.11.2027
- 13.11.2027
- 21.03.2028
- 27.03.2028
- 03.04.2028
- 07.04.2028
- 29.04.2028
- 01.05.2028
- 02.07.2028
- 06.07.2028
- 21.07.2028
कुशावर्त तीर्थ, त्र्यंबकेश्वर कुल अमृत स्नान मुहूर्त : 41
मुहूर्त तय करने की प्रक्रिया
सिंहस्थ की तारीखें कौन तय करता है, यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है। वास्तव में यह प्रक्रिया किसी एक संस्था की न होकर अनेक संस्थाओं के संवाद से पूरी होती है। स्थानीय पुरोहित संघ और पंचांगकार ग्रहस्थिति की गणना प्रस्तुत करते हैं। अखाड़ा परिषद के प्रतिनिधि और महंत वह गणना स्वीकार करते हैं और अपने अखाड़ों के मत रखते हैं। राज्य शासन, संभागीय आयुक्त, पुलिस और कुंभमेला प्राधिकरण की व्यवस्थाएँ सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से समय-सारणी को अंतिम रूप देती हैं। यह बैठक सामान्यतः मेले से कुछ वर्ष पहले होती है। मीडिया ने दर्ज किया है कि आगामी सिंहस्थ की समय-सारणी राज्य शासन ने साधु-महंतों और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में घोषित की। उसी घोषणा में यह भी कहा गया कि एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और वैधृति-व्यतिपात योग के दिन पर्वणी और दर्शन के दिन गिने जाएँगे।
सिंहस्थ: ज्योतिषीय आधार

